तेजस्वी यादव का बड़ा बयान: NDA सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान।
पटना, 19 सितंबर 2025 — बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासी गर्मी बढ़ गई है। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जनता से NDA सरकार को सत्ता से हटाने का आह्वान किया है। अपने हालिया जनसभा संबोधनों में तेजस्वी ने नीतीश कुमार और NDA गठबंधन पर तीखे वार करते हुए कहा कि “अब वक्त आ गया है कि जनता इस विफल सरकार को उखाड़ फेंके और एक नई राह चुने।”
NDA पर तेजस्वी यादव के तीखे हमले
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि बिहार में बेरोजगारी चरम पर है, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और उद्योग-धंधों का हाल बेहद खराब है। उन्होंने NDA सरकार को “झूठे वादों की सरकार” बताते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षों में जनता को केवल ठगा गया है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और भ्रष्टाचार ने प्रशासन को खोखला बना दिया है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस बार के चुनाव में NDA को सत्ता से बाहर कर महागठबंधन को मजबूत करें।
जनता से सीधा संवाद
अपने जनसभा के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार की जनता ने हमें हमेशा साथ दिया है। इस बार भी अगर आप हमें मौका देंगे तो हम बिहार को विकास और रोजगार की राह पर ले जाएंगे। NDA सरकार ने आपके अधिकार छीने हैं, अब समय है कि आप उन्हें सत्ता से हटाकर जवाब दें।”
उनकी इस अपील पर भीड़ ने जोरदार तालियां बजाकर समर्थन जताया।
विपक्षी रणनीति और NDA की प्रतिक्रिया
तेजस्वी के इस बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। NDA के नेताओं ने इसे महज “राजनीतिक स्टंट” बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव मुद्दों को भटका रहे हैं और जनता NDA सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा करती है।
वहीं, जदयू नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव खुद सत्ता में रहकर असफल साबित हुए और अब जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
SIR विवाद भी बना मुद्दा
तेजस्वी यादव ने हाल ही में बिहार में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) को भी मुद्दा बनाया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए गरीब और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को वोटिंग सूची से बाहर किया जा सकता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए जनता से जागरूक रहने की अपील की।
2025 चुनावी समीकरण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह आह्वान सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। बिहार में महागठबंधन NDA को कड़ी चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में तेजस्वी यादव की आक्रामक रणनीति चुनावी नतीजों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष
तेजस्वी यादव का NDA को सत्ता से हटाने का आह्वान बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है। एक तरफ NDA अपने विकास कार्यों के दम पर जनता से समर्थन मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा-स्वास्थ्य संकट को मुख्य मुद्दा बनाकर जनता से बदलाव की अपील कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जनता किस पर भरोसा जताती है और बिहार की सियासत किस मोड़ पर जाती है।
धन्यवाद

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