रवींद्र जडेजा ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में रचा इतिहास, बनाए छह फिफ्टी और तोड़े कई रिकॉर्ड।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज़ — एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी — में अपने शानदार प्रदर्शन से नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने इस टेस्ट श्रृंखला में छह बार 50 से अधिक का स्कोर बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह कारनामा करने वाले वह भारत और इंग्लैंड टेस्ट इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पांच अर्धशतक के साथ सुनील गावस्कर, विराट कोहली, और ऋषभ पंत के नाम था, जिसे जडेजा ने अब पीछे छोड़ दिया है।
इस बार की टेस्ट श्रृंखला का नाम पहली बार "एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी" रखा गया है, जो भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम पर है। यह नाम जून 2025 में BCCI और ECB द्वारा संयुक्त रूप से घोषित किया गया। इससे पहले भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले टेस्ट मैचों को पटौदी ट्रॉफी और एंथनी डी मेलो ट्रॉफी के नाम से जाना जाता था।
रवींद्र जडेजा ने इस सीरीज़ में न केवल बल्ले से कमाल दिखाया, बल्कि गेंद से भी शानदार प्रदर्शन किया। वह अब इंग्लैंड की धरती पर 900 से अधिक रन और 30 से ज्यादा विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन चुके हैं। खास बात यह रही कि जडेजा ने अपने छह अर्धशतक छठे या उससे नीचे के बल्लेबाज़ी क्रम पर खेलते हुए बनाए, जो उन्हें और खास बनाता है। उनकी बल्लेबाजी की तकनीक और संयम ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को बार-बार पछाड़ा।
इस सीरीज़ में जडेजा की कुछ यादगार पारियां इस प्रकार रही हैं –
71 रन हैदराबाद टेस्ट में, 63 रन राजकोट टेस्ट में, 85 रन धर्मशाला टेस्ट में, 52 रन चेन्नई में, 59 रन कानपुर में और हाल ही में 74 रन लखनऊ टेस्ट में। हर पारी में उन्होंने टीम को संकट से बाहर निकाला और एक मज़बूत स्थिति में खड़ा किया।
रवींद्र जडेजा ने सर गैरी सोबर्स का 59 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा है, जिन्होंने इंग्लैंड में एक सीरीज़ के दौरान पांच बार 50 से ज्यादा स्कोर बनाए थे। जडेजा ने न केवल इस रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि उसे पार भी किया। यही नहीं, वह अब इंग्लैंड में नंबर 6 या उससे नीचे खेलते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। उनके इस प्रदर्शन को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह टेस्ट क्रिकेट में एक दुर्लभ संतुलन लाने वाले खिलाड़ी हैं।
जडेजा ने इस सीरीज़ में 22 विकेट भी अपने नाम किए हैं, जिसमें दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। उनके सामने इंग्लैंड के बड़े बल्लेबाज जैसे जो रूट, बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो बार-बार संघर्ष करते नजर आए। जडेजा की स्पिन गेंदबाज़ी में विविधता, लाइन लेंथ की सटीकता और पिच को पढ़ने की उनकी क्षमता ने उन्हें सबसे खतरनाक स्पिनर बना दिया।
भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने जडेजा की तारीफ करते हुए कहा कि “वह इस टीम के रीढ़ हैं। जब टीम को उनकी जरूरत होती है, वह हमेशा सामने खड़े रहते हैं – चाहे गेंद से हो या बल्ले से।” वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने भी कहा कि "जडेजा जैसा खिलाड़ी होना किसी भी टीम के लिए सौभाग्य की बात है।"
सोशल मीडिया पर भी जडेजा की जमकर तारीफ हो रही है। ट्विटर पर #JadejaKingOfTests ट्रेंड कर रहा है, और दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर, हरभजन सिंह, और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन तक ने उनके प्रदर्शन को अद्भुत बताया है। वॉन ने ट्वीट किया – “जडेजा अकेले इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर रहे हैं।”
इस सीरीज़ की बात करें तो भारत अब तक सीरीज़ में 2-1 से आगे चल रहा है और आखिरी मैच मैनचेस्टर में खेला जाएगा। अगर भारत यह टेस्ट जीतता है या ड्रॉ भी कर लेता है, तो यह ट्रॉफी भारत के नाम हो जाएगी, और इसमें जडेजा का योगदान सबसे अहम माना जाएगा।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि जडेजा का यह प्रदर्शन उनके करियर को एक नई ऊंचाई देगा। 100 टेस्ट के करीब पहुँच चुके जडेजा अब न केवल टीम इंडिया के भरोसेमंद सिपाही हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें बेन स्टोक्स और शाकिब अल हसन जैसे ऑलराउंडरों से ऊपर आंका जा रहा है।
सीरीज़ का त्वरित आंकड़ा
| श्रेणी | आँकड़ा |
|---|---|
| कुल 50+ स्कोर | 6 (No.6 या उससे नीचे बल्लेबाजी में) |
| कुल रन | 453 |
| कुल विकेट | 22 |
| 5 विकेट हॉल | 2 बार |
| प्लेयर ऑफ द मैच | 2 बार |
| इंग्लैंड में कुल रन (कैरियर) | 969+ |
| इंग्लैंड में विकेट (कैरियर) | 33+ |

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