S400 डिफेंस सिस्टम
भारत के तीनों सेनाओं ने अपनी सीमा को सुरक्षित करते हुए गुरुवार को अपनी सीमा पर सुरक्षा करते हुए s400 defence system के जरिए पाकिस्तान के तरफ से आने वाले सभी ड्रोन और मिसाइल को उसी के वायु क्षेत्र में नष्ट कर गिरा दिया है। और भारत के वायु क्षेत्र में प्रवेश करने पर पाकिस्तान को यह बता दिया है कि भारत की air defence system जो कि विश्व की सबसे आधुनिक रूस द्वारा निर्मित s400 defence system को अपनी सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया है।
क्या है वायु सुरक्षा प्रणाली।
किसी भी देश के लिए अपनी सीमा और अपनी देश के सुरक्षा के लिए उन्नत और सटीक रक्षा प्रणाली का होना उसकी ताकत को दर्शाता है। अगर किसी भी देश की सीमा उसके द्वारा विकसित सेन्य उपकरण को उचित ढंग से इस्तेमाल करना सुरक्षा के मायने से बहुत महत्वपूर्ण है।
अब हम बात करते हैं कि किसी भी देश के लिए वायु रक्षा प्रणाली क्या है
जब कोई देश किसी दूसरे देश की सीमा में अपने युद्धक विमान /ड्रोन/मिसाइल और लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे किसी भी खतरे से बेचने के लिए वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है।
आपको बता दे की वायु रक्षा प्रणाली विभिन्न खासियतों से लैस होती है। जो किसी भी देश के सुरक्षा के दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण रक्षा प्रणाली होती है। जिससे हवाई खतरों को ट्रैक करके और उसे हवा में ही नष्ट करने की क्षमता मौजूद होती है। उसमें मौजूद वायु रक्षा नेटवर्क जो की मूल रडारों सिस्टम से लैस होती है। जो कि अपने वायु क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध विमान , ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू हेलीकॉप्टर को चिन्हित कर उसे हवा में ही नष्ट करने की क्षमता होती है।
अपने लक्षीत लक्ष्य को सबसे पहले पूर्व चेतावनी प्रणालियों द्वार कन्फर्म किया जाता है । और उसके बारे में जानकारी को इकट्ठा कर त्वरित प्रभावी रक्षात्मक करवाई के लिए तैयार हो जाता है। और अपने टारगेट लक्षित कर नष्ट कर देता है।
कमांड और कंट्रोल सेंटर AD सिस्टम उसका मस्तिक का काम करता है जो विभिन्न प्रकार के सेंसर से प्राप्त सूचना को प्रोसेस कर रक्षात्मक प्रतिक्रियाओं को अमल में लाता है। बता दे की इस तरह के रक्षात्मक प्रणालीके लिए आधुनिक कंप्यूटर और उसमें बेहतर संचार उपकरण का उपयोग किया गया है। जो की सटीक प्रतिक्रिया के साथ तुरंत निर्णय लेने में सक्षम है।
वायु रक्षा प्रणाली से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा में सबसे पहले कातर में तैनात की जाती है। जो की विभिन्न रेंज के मिसाइल और क्षमता के लिए हिसाब से अलग-अलग होती है। जो एक साथ कई लक्ष्य को एक साथ निशाना बनाने में सक्षम होती हैं।
रूस द्वारा निर्मित रक्षा प्रणाली s400 और इजरायल द्वारा निर्मित सात से हवा में सटीक लक्षीत टारगेट को मार गिराने वाली मिसाइल प्रणाली और अपने देश में निर्मित आकाश का मिश्रण है। जो किसी भी दूसरे पड़ोसी देश के सुरक्षा प्रणाली से कई गुना बेहतर है।
S 400 ट्रायंम्फ जो की सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली है । जिसकी क्षमता 380 किलोमीटर की रेंज में आने वाली किसी भी टारगेट के लिए काल के समान है। आपको बता दे की भारत और रूस के बीच रक्षा समझौते के अनुसार वर्ष 2018 में 40000 करोड रुपए में भारत ने अपनी वायु सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए करार किया था। जिसके तहत पांच दस्ते रूस के द्वारा भारत को देना था। अभी तक तीन दस्ते ही रुस से भारत को प्राप्त हुए हैं। अभी और दो दस्ते की डिलीवरी 2026 से 27 तक होने की संभावना है।
Aakash :- भारत में अपने सुरक्षा बेरा में आकाश को शामिल किया है जो कि आकाश 1 और आकाश 2 जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली के अब तक 14 से भी ज्यादा दस्तों को अपने सुरक्षा प्रणाली में शामिल किया है जो की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
Spider :- इसराइल से भारत ने स्पाइडर जैसे निम्न स्तरीय त्वरित प्रतिक्रिया विमान रोधी मिसाइल प्रणाली जो की 15 किलोमीटर की रेंज को कवर करती है। भारतीय वायु सेना ने अपने बेरा में शामिल किया हुआ है।
भारत अपने सुरक्षा प्रणाली को दोनों दिन नई अत्यधिक रक्षा उपकरणों से लैस कर रहा है जिससे पड़ोसी देश पाकिस्तान के हमले का मुंहतोड़ जवाब दे सके।
धन्यवाद।


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