केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
भारत के केंद्रीय वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी ने नए नियमों के संशोधन के साथ आइटीआर फॉर्म छह को जारी कर दिया है।
भारत के गजट में प्रकाशित अधिसूचना के जरिए फार्म 6 का नया प्रारूप 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया गया है। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जारी ने फॉर्म सीबीडीटी के आकलन वर्ष 2025 -26 के विभिन्न कंपनी के लिए लघु संशोधित आइटीआर फॉर्म 6 को गजब के प्रकाशन के जरिए जारी कर दी गई है। आपको बता दे की यह आयकर अधिनियम 1961 की धारा 11 के तहत छठ का दावा करनेवाले भारत के विभिन्न कंपनियां पर लागू होती है।
भारत के केंद्रीय वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के संशोधन आयकर अधिनियम की धारा 139 के साथ 295 के तहत अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए आयकर नियम 2025 के द्वारा पेश किया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के तरफ से संशोधित फार्म का एकमात्र मकसद कर राजस्व को पारदर्शिता के साथ मौजूदा नियमावली के मुताबिक रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड के मुताबिक बेहतर अनुपालन और निगरानी प्रणाली की सुविधा को बेहतर ढंग से बढ़ना है।
आइटीआर फार्म 6 में प्रमुख छह बदलाव।
- आइटीआर फार्म 6 में पहला बदलाव में पूंजीगत लाभ कर को अलग-अलग करने के लिए है। इसके अनुसार 23.7.2024 से पहले जितने भी और उसके बाद हुए पूंजीगत लाभ को अलग-अलग किया गया है आपको बता दे की इसके लिए आयकर अधिनियम 1962 की अनुसूची 2 के अनुसार आइटीआर फॉर्म 6 के प्रारूप को पूरी तरह से ही नया रूप दे दिया गया है।
- आइटीआर के नए फ़ॉर्म 6 में कंपनियां के द्वारा कंपनी से संबंधित नए तरह के जानकारी को बताने के लिए कहा गया है। जैसे कि सीआईएन, पैन, कॉर्पोरेट की प्रमुख से जुड़ी जानकारी जैसे महत्वपूर्ण जानकारी को आवश्यक रूप से बताने को कहा गया है।
- कंपनियों को अपना बिजनेस की शुरुआत करने की तारीख के बारे में जानकारी के साथ अपना पंजीकृत कार्यालय का पता संपर्क विवरण के साथ-साथ बताना होगा।
- रिटर्न फाइल करते समय कंपनियों को अपनी कारोबार के बारे में पूर्ण जानकारी देनी होगी की उनकी कंपनी क्या करती है । चाहे वह भारत की न्यू स्टार्टअप कंपनी हो या विदेश से आए हुए मल्टीनेशनल कंपनी हो सभी को अपनी सारी जानकारी देनी होगी।
- शेयर बायबैक से हुई हानि को मंजूरी देने जैसे बड़े बदलाव हुए हैं इसमें अगर किसी शेर से लाभांश आय को किसी दूसरे स्रोत के आय के रूप में दिखाया जाता है तो शेयर बायबैक की वज़ह हुई पूंजीगत हानि को नए आइटीआर फार्म 6 में शामिल किया जा सकता है। लेकिन शर्त सिर्फ इतना है कि नुकसान 1 अक्टूबर 2024 के बाद के होने चाहिए।
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की धारा 44 बीबीसी में किसी भी व्यवसाय को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है नियम के अनुसार 10 टीआईए बदलाव किया गया है। जैसे की कच्चे हीरे की बिक्री से होने वाला लाभ , सकल प्राप्तियां का 4% या उनसे अधिक होने की स्थिति में जानकारी देना। या धारा 24बी के तहत क्लेम की गई कटौतियों को शामिल करने के लिए विभिन्न बदलाव किए गए हैं। टीडीएस की रिपोर्टिंग को लेकर भी बदलाव किए गए हैं।
पाठकों से अनुरोध हैं कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के तरफ से संशोधित आइटीआर फॉर्म 6 के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप उनके आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
धन्यवाद।

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