हिंदू धर्म और पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के शुभ दिन पर मनाई जाती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल यह शुभ तिथि 30 अप्रैल 2025 को पड़ेगी। और शास्त्रों के अनुसार इस दिन को अबूझ मुहूर्त भी कहते हैं। जिसका मतलब हुआ कि इस दिन किसी भी तरह के कार्य या निवेश की कार्य इस शुभ दिन को किय जा सकता हैं। ऐसा माना जाता है की कोई भी शुभ कार्य इस दिन करने में आपको अवश्य ही सफलता मिलेगी ।
:- अब हम आपको बताते हैं कि अक्षय तृतीया किस दिन और इसके क्या है महत्व।
ऐसा माना जाता है की इस दिन को हिंदू शास्त्र के अनुसार सबसे पवित्र दिन माना जाता है और इस दिन अर्जन किए गए पुण्य धन्य और धन की कभी भी समाप्ति नहीं होती इस दिन अपने पितरों को प्रसन्न और याद करने के लिए बेहद खास दिन माना जाता है अगर आप भी अपने जीवन में धन्य धान और पुण्य की कभी भी समाप्ति ना हो तो आपको चाहिए कि आप अपने पितरों की आत्मा को तृप्त करे और उनका आशीर्वाद आपको और आपके परिवार पर बनी रहे।
अक्षय तृतीया के बारे में क्या खास है ?
अक्षय तृतीया हिंदू परंपरा के अनुसार भारत और नेपाल के क्षेत्र में हिंदुओं और जैनियो द्वारा नए उद्यम, विवाह, दान , सोने या संपत्ति जैसे मूल्यवान वस्तुएं मैं निवेश का सबसे शुभ दिन माना जाता है।
अच्छा तृतीया पर किस भगवान की पूजा करें ?
भारतीय परंपरा और हिंदू धर्म और ग्रंथ के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है अक्षय तृतीया के दिन को परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है और कहीं-कहीं आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है हिंदू धर्म और जैन अनुवाइयों द्वारा इस पर्व को अपने समृद्धि से जोड़ कर देखते हैं और इस दिन सोने या कीमती चीजों में निवेश को शुभ मानते हैं।
अच्छा तृतीया की कहानी क्या है ?
ऐसा माना जाता है कि एक दिन भगवान श्री कृष्णा से मिलने उनके मित्र सुदामा उनकी नगरी द्वारिका में पहुंचते हैं। और जब सुदामा की भेट श्री कृष्णा और उनकी रानीयो से होती है तो भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा से बोले की भाभी ने मेरे लिए क्या भेजा है। तो सुदामा जीने अपनी पत्नी के द्वारा दिए गए मुट्ठी भर भूनें चावल को श्री कृष्ण को देते हैं। और जब भगवान श्री कृष्ण इस भुने हुए चावल खाते हैं और उन्हें जो अपने भक्त से प्रेम की अनुभूति मिली उसी से अभीभूत होकर श्री कृष्ण ने सुदामा के सारे कष्ट और उनकी टूटीं झोपड़ी को महल में बदल दिया। जिसे अक्षय निधि (शाश्वत धन) की परंपरा का प्रतीक माना गया।
अच्छा तृतीया पर घर में कैसा भोजन पकाए
ऐसा माना जाता है कि अच्छा तृतीया पर उस दिन अपने रसोई में दूध से बने खीर और मिठाइयां,घी,आदि सब जरूर बननी चाहिए। विशेषरूप से लड्डू और बर्फी जैसे मिठाइयों को अपने सागा संबंधियों में बांटना चाहिए और खुद भी उन मिठाईयां को खाना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है की इस दिन लोग दूध से बने मिठाईयां खाकर और दूसरों को खिलाकर अपने और अपनों के बीच खुशी और समृद्धि फैलाने का काम कर रहे होते हैं।
इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से आपके जीवन मैं आने वाले विघ्न बाधा और पितृ दोष आसानी से दूर हो सकते हैं।
जो जल से भरे घड़े को दान करता है।
अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी, पीतल, तांबा, के घड़े पानी भरकर उसमें कुछ गुड़ के टकड़े डालकर किसी प्यासे व्यक्ति या जरूरतमंद व्यक्ति को देने से आपके पितृ की आत्मा तृप्त हो जाएगी जिसके शुभ फल आपके जीवन में उन्नति और खुशियां लेकर आएंगे।
किसी भी सात अन्न को जरूरतमंद को दान देना
अक्षय तृतीया के दिन किसी भी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सात अन्न जैसे गेहूं चावल मक्का चना, दाल यह सब दान करने से आपके पितृ की आत्मा तृप्ति होगी जिससे आपके जीवन में शुभ फल और उन्नतिके रास्ते खुलेंगे।
जूते चप्पल का करे दान
अक्षय तृतीया के दिन अगर आपको कोई व्यक्ति जिसके पैर में चप्पल नहीं हो तो आप उन्हें चप्पल और जूते दान में देकर उसे जरूरत मंद व्यक्ति की मदद कर सकते हैं। जिससे आपके जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी।
किसी भी सफेद वास्तु का करें दान।
अक्षय तृतीया के दिन अगर सफेद वास्तु जैसेेेेे सफेद चांवल, सफेद कपड़े, आदि दान करने से से आपकेेेे आपकेेे पितृ खुश होंगे और आपकेेे जीवन में शुभ फल और शांति प्रदान करेंगे ।
धन्यवाद।
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