वैशाख अमावस्या 2025 :- हिंदू धर्म में हर महीने परने वाले पूर्णिमा और अमावस्या की एक विशेष महत्व है इस महत्व को देखते हुए वैशाख अमावस्या भी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार अब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में आ जाता है जिससे यह पृथ्वी से दिखाई नहीं देती तो इस दिन चंद्रमा कमजोर अवस्था में होता है जिस हिंदू पंचांग के अनुसार शुभ नहीं माना जाता है और इस दिन अपने पूर्वजों को ध्यान और पूजा करने का का दिन बताया गया।
कब है वैशाख अमावस्या 2025
इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या 2025 27 अप्रैल 2025 को पर रहे हैं जिसे हिंदू पंचांग के अनुसार सतवाई अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन हिंदू धर्म के अनुसार लोगों को गंगा में स्नान आदि करके पूजा और दान पुण्य करने आदि से व्यक्ति या आपके कोसों फल की प्राप्ति होती है और एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दिन दक्षिण भारत में शनि जयंती भी मनाई जाती है इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से की जाती है। और शनि की पूजा करने से विशेष फल और मन की इच्छा पूरी होती है।
वैशाख अमावस्या तिथि 2025
वैशाख अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार 27 अप्रैल 2025 को पर रहीं हैं इसे सतवाई अमावस्या के रूप में भी लोग जानते हैं । इस दिन लोगों को चाहिए कि सूर्य की उगने से पहले प्रातः काल गंगा नदी में स्नान आदि करके अपने पितरों की पूजा और दान पुण्य जैसे कर्म आदि श्रद्धाभाव से करने चाहिए ताकि उनका आशीर्वाद हमेशा आपकी और आपके परिवार को मिलती रहे।
वैशाख अमावस्या 2025 महूर्त
वैशाख अमावस्या 2025 हिंदू के पंचांग के अनुसार 27 अप्रैल 2025 को प्रातः 4:50 से आरंभ होगी तथा 28 अप्रैल 2025 को दोपहर 12:59 तक रहेगी बात करें स्नान मुहूर्त का तो पंचांग के अनुसार प्रातः 4:50 से शुरू होकर सुबह 5:00 बजे तक ही शुभ मुहूर्त है। इस समय के बीच में लोगों को चाहिए कि वह स्नान आदि कर पूजा ध्यान और पितरों को ध्यान लगाकर उनकी पूजा करके ही भोजन करने चाहिए।
वैशाख अमावस्या 2025 का हिंदू धर्म में महत्व
हिंदू धर्म में वैशाख अमावस्या को बहुत ही महत्व दिया गया हैं। इस दिन लोगों को मां गंगा में या कोई भी पवित्र नदी में जाकर प्रातः काल मुहूर्त के अनुसार स्नान आदि करने चाहिए इसके बाद जरूरत मंद व्यक्ति या गरीबों को श्रद्धा भाव से अन्ना और वस्त्रों को देना चाहिए जिससे आपको और आपके परिवार को शुभ फल की प्राप्ति होगी।
वैशाख अमावस्या से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए आप अपने पुरोहित से सलाह या मशवरा कर सकते हैं यहां दी गई जानकारी एक सूचना मात्र ही है।
धन्यवाद।
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