सरकारों की मुफत योजनाओं के कारण लोगों में काम के प्रति और असंवेदनशीलता के कारण काम करने के लिए लोग तैयार नहीं है। फ्री योजना पर,SC ने बोला-लोगों को मुख्य धारा में लाना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
:-राजनीतिक पार्टीयां चुनाव के वक्त मुफ्त के वादे करने पर सुप्रीमकोर्ट ने सख्त नराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अपनी सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी में सरकारों की मुक्त योजनाओं से लोगों में काम करने की इच्छा शक्ति में कमी आई है।
कोर्ट कि यह टिप्पणी कोर्टमें बिना घर के लोगों को घरों मुहैया कराने की मांग को लेकर बहस चल रही थी।
:-महत्वपूर्ण बिदु- 1-फ्री की योजनाओं से कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है।
2-कोर्ट ने बिना घर के लोगों को शहरी क्षेत्र में निवास स्थलों को मुहैय्या कराने की मांग को लेकर कहीं।
3-मुफ्त राशन, पानी, बिजली, पैसा, मिल रहा है यह उच्चन्यायालय ने।
:-उच्च न्यायालय ने राजनीतिक पार्टी के चुनाव से पूर्व फ्री योजनाओं का ऐलान करने की इस प्रचलन की कठोर निंदाकी है।
:-इस फ्री योजना पर न्यायमूर्ति बी आर गवाइ और न्यायमूर्ति अंगस्थिन जॉर्ज मासीह की बेंच ने की। उच्चन्यायालय में शहरी क्षेत्र में बिना घरों के लोगोंको घर मुहैया करने के संबंध में कार्यवाही चल रही थी।
:-न्यायमूर्ति गवई ने कहा-"बिना कार्य के मिल रहे हैं मुफ्त राशन और पैसे।
:-उच्च न्यायालय ने क्या बोला?
उच्च न्यायालय कि इस बेंच ने कहा कि हम आपकी चिंता की खूब प्रशंसा करते हैं। लेकिन क्या यह और भी अच्छा होता कि हम लोग उन सभी लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास करते । और देश की अर्थव्यवस्था के विकास मे उन लोगों का भी योगदान देने का मौका देते।
:-अटॉर्नी जनरल ऑफ़ इंडिया - वेंकटरामणी ने बेंच को बताया कि केंद्र सरकार ने शहरी गरीब मिशन को पूर्ण रूप देने में लगी हैं। जो शहर में बिना घर के लोगों को आश्रय के प्रावधान सहित विभिन्न अन्य समस्याओं के समाधान करेगा।
:-इसके बाद उच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई अगले 6 हफ्ते के लिए टाल दी।
धन्यवाद।
Shahi Hai
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